z HSG टेस्ट क्या है? महिला बांझपन जांच की पूरी प्रक्रिया व फायदे
Sehgal Nursing Home in Delhi commits to delivering experience exceptional care.

Author:

Sehgal Nursing Home

Published Date

January 27, 2026

Category

Infertility

HSG टेस्ट क्या है? महिला बांझपन जांच की पूरी प्रक्रिया व फायदे


HSG टेस्ट क्या है? महिला बांझपन जांच की पूरी प्रक्रिया व फायदे

महिला बांझपन (Female Infertility) आज एक आम लेकिन संवेदनशील समस्या बन चुकी है। कई बार सभी सामान्य जांचें ठीक होने के बावजूद गर्भधारण नहीं हो पाता। ऐसे में डॉक्टर एक विशेष जांच की सलाह देते हैं, जिसे HSG टेस्ट कहा जाता है। इस ब्लॉग में हम सरल हिंदी में जानेंगे कि HSG टेस्ट क्या है, क्यों किया जाता है, इसकी पूरी प्रक्रिया, फायदे, सावधानियां और यह किन महिलाओं के लिए जरूरी होता है। यह जानकारी चिकित्सकीय अनुभव और प्रामाणिक स्रोतों पर आधारित है, ताकि आप सही और भरोसेमंद निर्णय ले सकें।

HSG टेस्ट क्या है?

HSG का पूरा नाम Hysterosalpingography है। यह एक विशेष प्रकार का एक्स-रे टेस्ट होता है, जिससे महिला के गर्भाशय (Uterus) और फैलोपियन ट्यूब्स (Fallopian Tubes) की स्थिति की जांच की जाती है।
इस टेस्ट से यह पता लगाया जाता है कि:

  • फैलोपियन ट्यूब्स खुली हैं या बंद
  • गर्भाशय के आकार में कोई असामान्यता तो नहीं
  • फाइब्रॉइड, पॉलिप, चिपकाव (Adhesions) या जन्मजात दोष तो नहीं

क्योंकि गर्भधारण के लिए अंडाणु और शुक्राणु का मिलना जरूरी है, और यह मिलन फैलोपियन ट्यूब्स में होता है, इसलिए ट्यूब्स का खुला होना बेहद महत्वपूर्ण है।

HSG टेस्ट क्यों किया जाता है?

डॉक्टर आमतौर पर उन महिलाओं को HSG टेस्ट की सलाह देते हैं:

  • जो 1 साल या उससे अधिक समय से गर्भधारण की कोशिश कर रही हों
  • जिनका बार-बार गर्भपात हुआ हो
  • जिनकी पीरियड्स अनियमित हों
  • IVF या IUI जैसे ट्रीटमेंट से पहले
  • पेल्विक इंफेक्शन या सर्जरी का इतिहास हो

यह टेस्ट महिला बांझपन के कारणों को स्पष्ट करने में मदद करता है, जिससे आगे का इलाज सही दिशा में हो सके।

HSG टेस्ट की पूरी प्रक्रिया (Step-by-Step Process)

HSG टेस्ट आमतौर पर पीरियड्स खत्म होने के 7–10 दिन के भीतर किया जाता है, ताकि गर्भावस्था की कोई संभावना न हो।

प्रक्रिया इस प्रकार होती है:

  1. मरीज को एक्स-रे टेबल पर लिटाया जाता है
  2. सर्विक्स (Cervix) के जरिए एक पतली ट्यूब डाली जाती है
  3. उस ट्यूब से एक विशेष डाई (Contrast Dye) डाली जाती है
  4. जैसे ही डाई गर्भाशय और ट्यूब्स से गुजरती है, एक्स-रे इमेज ली जाती हैं
  5. अगर डाई ट्यूब्स से आसानी से बाहर निकल जाती है, तो ट्यूब्स खुली मानी जाती हैं

पूरी प्रक्रिया में लगभग 15–30 मिनट का समय लगता है।

क्या HSG टेस्ट दर्दनाक होता है?

यह सवाल लगभग हर महिला के मन में होता है। सच्चाई यह है कि:

  • कुछ महिलाओं को हल्का दर्द या क्रैम्प्स महसूस हो सकते हैं
  • दर्द आमतौर पर पीरियड्स जैसा होता है
  • ज्यादातर मामलों में दर्द असहनीय नहीं होता

डॉक्टर जरूरत पड़ने पर पेन किलर या एंटीबायोटिक भी देते हैं। अनुभवी डॉक्टर और सही तकनीक से यह टेस्ट सुरक्षित और आरामदायक बनाया जा सकता है।

HSG टेस्ट के फायदे

HSG टेस्ट सिर्फ जांच ही नहीं, बल्कि कई बार इलाज में भी मददगार साबित होता है।

मुख्य फायदे:

  • फैलोपियन ट्यूब ब्लॉकेज का सटीक पता
  • गर्भाशय की संरचना की स्पष्ट जानकारी
  • IVF/IUI की सही प्लानिंग
  • कई मामलों में डाई के कारण हल्का ब्लॉकेज खुद ही खुल जाता है
  • जल्दी और किफायती जांच

इसी वजह से इसे महिला बांझपन की जांच में एक अहम टेस्ट माना जाता है।

HSG टेस्ट के बाद क्या सावधानियां रखें?

टेस्ट के बाद कुछ घंटों तक हल्का ब्लीडिंग या डिस्चार्ज हो सकता है, जो सामान्य है।

ध्यान रखने योग्य बातें:

  • 24–48 घंटे तक भारी काम न करें
  • बुखार, तेज दर्द या बदबूदार डिस्चार्ज हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
  • डॉक्टर द्वारा दी गई दवाएं समय पर लें
  • 1–2 दिन तक शारीरिक संबंध से बचें

HSG टेस्ट कहां कराएं?

HSG जैसे संवेदनशील टेस्ट के लिए अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ और भरोसेमंद नर्सिंग होम चुनना बहुत जरूरी है।
Sehgal Nursing Home में आधुनिक जांच सुविधाएं, अनुभवी डॉक्टर और मरीज-केंद्रित देखभाल उपलब्ध है। यहां महिला स्वास्थ्य और बांझपन से जुड़ी जांचें पूरी सुरक्षा और विशेषज्ञता के साथ की जाती हैं।

Suggest to Read :- आईवीएफ से पहले तैयारी कैसे करें? ज़रूरी टिप्स और सुझाव

निष्कर्ष

अगर आप लंबे समय से गर्भधारण में कठिनाई महसूस कर रही हैं, तो HSG टेस्ट एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है। यह टेस्ट समस्या की जड़ तक पहुंचने में मदद करता है और सही इलाज का रास्ता खोलता है। सही जानकारी, अनुभवी डॉक्टर और भरोसेमंद अस्पताल के साथ यह प्रक्रिया सुरक्षित और लाभकारी साबित होती है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. क्या HSG टेस्ट के बाद प्रेग्नेंसी हो सकती है?
हां, कई महिलाओं में टेस्ट के बाद गर्भधारण की संभावना बढ़ जाती है।

2. HSG टेस्ट कितनी बार कराया जा सकता है?
आमतौर पर जरूरत पड़ने पर ही, डॉक्टर की सलाह से।

3. क्या HSG टेस्ट से कोई खतरा है?
नहीं, यह सुरक्षित टेस्ट है जब अनुभवी डॉक्टर द्वारा किया जाए।

4. HSG टेस्ट की रिपोर्ट कब मिलती है?
अक्सर उसी दिन या 1–2 दिन में।

5. क्या HSG टेस्ट IVF से पहले जरूरी है?
हां, ज्यादातर मामलों में यह जरूरी होता है।

Blogs

Related Blogs to the One
You Read!

© 2024 Sehgal Nursing Home, Inc. All rights reserved | Website designed by Digital Net India