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महिलाओं में गर्भाशय से जुड़ी समस्याओं में यूटेराइन फाइब्रॉइड (Uterine Fibroids) एक आम लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली समस्या है। कई महिलाएं सालों तक इसके साथ बिना लक्षणों के रहती हैं, जबकि कुछ को गंभीर दर्द, अधिक ब्लीडिंग और बांझपन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे मामलों में फाइब्रॉइड सर्जरी एक प्रभावी और सुरक्षित इलाज साबित होती है।
फाइब्रॉइड गर्भाशय (यूटरस) में बनने वाली गैर-कैंसरकारी गांठें होती हैं। ये मांसपेशियों और फाइबर टिश्यू से बनती हैं। फाइब्रॉइड का आकार बहुत छोटा (बीज के बराबर) से लेकर बहुत बड़ा (फुटबॉल जितना) भी हो सकता है।
अधिकतर फाइब्रॉइड 30 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं में पाए जाते हैं।
फाइब्रॉइड बनने का कोई एक कारण नहीं होता, लेकिन कुछ कारक इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं:
हर महिला में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं। कुछ में कोई लक्षण नहीं दिखते, जबकि कुछ में ये समस्याएं होती हैं:
अगर ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो डॉक्टर से जांच जरूरी है।
हर फाइब्रॉइड में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। लेकिन निम्न स्थितियों में फाइब्रॉइड सर्जरी की सलाह दी जाती है:
फाइब्रॉइड की संख्या, आकार और मरीज की उम्र के आधार पर सर्जरी का चुनाव किया जाता है:
1. मायोमेक्टॉमी (Myomectomy)
इस सर्जरी में केवल फाइब्रॉइड को निकाला जाता है, गर्भाशय सुरक्षित रहता है।
यह उन महिलाओं के लिए बेहतर है जो भविष्य में गर्भधारण करना चाहती हैं।
2. हिस्टेरेक्टॉमी (Hysterectomy)
इसमें पूरा गर्भाशय निकाल दिया जाता है।
यह तब किया जाता है जब फाइब्रॉइड बहुत बड़े हों या बार-बार लौटकर आ रहे हों।
3. लेप्रोस्कोपिक सर्जरी
यह मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है, जिसमें छोटे चीरे लगते हैं, दर्द कम होता है और रिकवरी जल्दी होती है।
सर्जरी से पहले अल्ट्रासाउंड, MRI और ब्लड टेस्ट किए जाते हैं। सर्जरी आमतौर पर जनरल एनेस्थीसिया में होती है। आधुनिक तकनीकों के कारण अब सर्जरी ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गई है।
फाइब्रॉइड सर्जरी के बाद रिकवरी सर्जरी के प्रकार पर निर्भर करती है:
नियमित फॉलो-अप से जटिलताओं का खतरा कम हो जाता है।
अनुभवी डॉक्टर और सही अस्पताल में कराई गई फाइब्रॉइड सर्जरी पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है। आजकल आधुनिक तकनीक और बेहतर एनेस्थीसिया के कारण जोखिम बहुत कम हो गए हैं।
फाइब्रॉइड सर्जरी में सही निदान, अनुभवी स्त्री रोग विशेषज्ञ और आधुनिक सुविधाओं की अहम भूमिका होती है।
Sehgal Nursing Home में महिलाओं के लिए उन्नत गाइनी सर्जरी सुविधाएं, अनुभवी डॉक्टर और पर्सनल केयर उपलब्ध है, जिससे मरीजों को सुरक्षित इलाज और तेज रिकवरी मिलती है।
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फाइब्रॉइड एक आम समस्या है, लेकिन समय पर सही इलाज न मिलने पर यह गंभीर रूप ले सकती है। अगर लक्षण आपके दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहे हैं, तो फाइब्रॉइड सर्जरी एक प्रभावी समाधान हो सकती है। सही जानकारी, अनुभवी डॉक्टर और भरोसेमंद अस्पताल चुनकर आप निश्चिंत होकर इलाज करा सकती हैं।
1. क्या फाइब्रॉइड सर्जरी के बाद प्रेग्नेंसी संभव है?
हां, मायोमेक्टॉमी के बाद कई महिलाएं सफलतापूर्वक गर्भधारण करती हैं।
2. क्या फाइब्रॉइड दोबारा हो सकता है?
कुछ मामलों में हो सकता है, लेकिन नियमित जांच से इसे कंट्रोल किया जा सकता है।
3. फाइब्रॉइड सर्जरी में कितना समय लगता है?
आमतौर पर 1 से 3 घंटे।
4. क्या सर्जरी के बाद दर्द ज्यादा होता है?
आधुनिक तकनीक से दर्द बहुत कम होता है और दवाओं से कंट्रोल हो जाता है।
5. फाइब्रॉइड सर्जरी का खर्च कितना आता है?
खर्च सर्जरी के प्रकार और अस्पताल पर निर्भर करता है।
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